(१) रमज़ान से पेहले ही रमज़ान की तैयारी शुरू कर दी. बाज़ बुज़ुर्गाने दीन रमज़ान की तैयारी रमज़ान से छ महीने पेहले शुरू फ़रमा देते थे...
اور پڑھوमाहे रमज़ान के आदाब और सुन्नतें- ४
(१) रमज़ानुल मुबारक की हर शब बीस रकात तरावीह की नमाज़ अदा कीजिए. तरावीह की नमाज़ सुन्नते मुअक्कदह है. हज़रत उमर(रज़ि.) के दौर में तमाम सहाबए किराम(रज़ि.) ने बीस रकात तरावीह की नमाज़ पर इत्तेफ़ाक़(संतोष) किया था. तरावीह की नमाज़ में कम अज़ कम एक क़ुर्आन करीम मुकम्मल करने की कोशीश कीजिए. ..
اور پڑھوमाहे रमज़ान के आदाब और सुन्नतें- ३
(१) बुज़ुर्गाने दीन की सोहबत(संगात) में समय गुज़ारिए, ताकि आप रमज़ानुल मुबारक की बरकात से ज़्यादह से ज़्यादह फ़ाइदा हासिल कर सकें. (२) सेहरी खाने में बेपनाह बरकतें हैं, लिहाज़ा रोज़ा शुरू करने से पेहले सेहरी के लिए ज़रूर जागिए. عن أبي سعيد الخدري رضي الله عنه قال قال رسول …
اور پڑھوमाहे रमज़ान की सुन्नतें और आदाब – २
(१) हराम और मुश्तबह(शक वाली) चीज़ों से ऐहतिराज़ करें(बचे), ख़्वाह वह मुश्तबह(शक वाली) या हराम चीज़ खाने पीने से मुतअल्लिक़ हो या अमल से मुतअल्लिक़ हो...
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