अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब

अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-११)

(१२) अज़ान के अलफ़ाज़ को मत बिगाड़ो और न ही ऐसे तरन्नुम(राग) और सुर के साथ अज़ान दो के अज़ान के अलफ़ाज़ बिगड़ जाऐं...

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अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-१०)

عن عبد الله بن زيد رضي الله عنه قال … فأخبرته بما رأيت فقال: إنها لرؤيا حق إن شاء الله فقم مع بلال فألق عليه ما رأيت فليؤذن به فإنه أندى صوتا منك...

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अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-८)

अज़ान देने के समय निम्नलिखित सुन्नतों और आदाब का लिहाज़ रखा जाए (४) क़िब्ले की तरफ़ रुख़ कर के अज़ान देना.[१] عن معاذ بن جبل رضي الله عنه قال… فجاء عبد الله بن زيد رجل من الأنصار وقال فيه فاستقبل القبلة … (سنن أبي داود رقم ۵٠۷) हज़रत मुआज़ बिन …

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अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-७)

अज़ान देने के समय निम्नलिखित सुन्नतों और आदाब का लिहाज़ रखा जाए (१) निय्यत का दुरूस्त होना. अज़ान से महज़ रज़ाऐ इलाही की निय्यत हो. عن ابن عباس أن النبي صلى الله عليه وسلم قال: من أذن سبع سنين محتسبا كتبت له براءة من النار (سنن الترمذي رقم ۲٠٦) हज़रत …

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अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-५)

मुअज़्ज़िन के फ़ज़ाईल(श्रेष्ठता) सहाबए किराम(रज़ि.) आरज़ू करते थे के वह ख़ुद अज़ान दें और उन के बच्चे भी अज़ान दें. عن علي رضي الله عنه قال: ندمت أن لا أكون طلبت إلى رسول الله صلى الله عليه وسلم فيجعل الحسن والحسين مؤذنين (مجمع الزوائد رقم ۱۸۳٦)[१] हज़रत अली(रज़ि.) ने फ़रमाया …

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अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-२)

अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब अज़ान दीने इस्लाम का एक अज़ीम और नुमायां शिआर है. इस्लाम में अज़ान देने वालों को इन्तिहाई ऊंचा और आला स्थान अता किया गया है. क़यामत के दिन जब लोग मुअज़्ज़िनीन के ऊंचे स्थान और मरतबे को देखेंगे, तो रश्क(ईर्ष्या) करेंगे. कई अहादिष …

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अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-३)

  • सारी मख़लूक़(मानवजाती)(इन्सान हो या जिन्नता या कोई और मख़लूक़) जो मुअज़्ज़िन की आवाज़ सुनती है, क़यामत के दिन उस के लिए गवाही देगी.
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